Abdul ne meri chut chodi 2

Abdul ne meri chut chodi 2

जल्द ही अब्दुल पूरी ताकत से मुझे चोदने लगा।
मैं अब्दुल से लिपटी जा रही थी और उन्हें चूमे जा रही थी।
दोनों हाथ से मैंने उनकी कमर पकड़ ली थी और खुद ही कमर को आगे पीछे करने लगी थी।

अब्दुल समझ गया कि मुझे और तेज झटके चाहिए और फिर अब्दुल अपनी पूरी ताकत लगा कर धक्के लगाने लगा।

पूरे कमरे में चट चट चट चट की आवाज के साथ आह आह आह ओह ओह आह्ह की आवाज गूंज रही थी।

करीब पांच मिनट की धमाकेदार चुदाई के बाद हम दोनों अपने आप को रोक नहीं सके और दोनों ही झड़ गए।
मेरी चूत अब्दुल के पानी से लबालब भर गई।

हम दोनों भी पसीने पसीने हो गए और लिपट कर लेटे रहे।
दोनों की सांसें तेजी से चल रही थीं दोनों ही मस्त हो गए थे।

कुछ देर बाद अब्दुल मेरे ऊपर से हटा और बगल में लेट गया।
मेरी दोनों जांघें बिल्कुल लाल हो गई थी क्योंकि अब्दुल मेरे जांघ को हाथ से जोर से दबाया हुआ था। और चूत से अब्दुल का गर्म पानी बाहर निकल रहा था।

आज 2 सालों के बाद किसी का गर्म गर्म वीर्य मेरी चूत में गिरा था. आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हुई थीं और अब्दुल का भी पूरा साथ दिए थे जिससे अब्दुल भी मुझसे पूरी तरह से संतुष्ट हो गया था।

एक बार चुदाई करने के बाद हम दोनों लोग बिस्तर पर लेटे हुए थे, अब्दुल ने मुझे पहली ही चुदाई में मुझे संतुष्ट कर दिया था।
करीब आधे घंटे तक हम दोनों लेटे रहे।

इसके बाद अब्दुल ने मुझे पकड़ कर अपने ऊपर लिटा लिया।
मैं अब्दुल के सीने पर अपना सर रख कर लेटी रही.

तभी अब्दुल ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लंड के पास लेजाकर अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया।
मैंने अब्दुल का लंड हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करते हुए फेंटने लगी।

अब्दुल का ढीला पड़ चुका लंड जल्द ही अपनी पूरी लंबाई में आ गया।
फिर मैं अब्दुल के सीने को चूमते हुए नीचे की तरफ जाने लगी और जल्द ही अब्दुल के लंड के पास पहुंच गई।

मैं अब्दुल के लंड को पकड़ कर हल्के हल्के ऊपर नीचे करने लगी जिससे उनका सुपारा अन्दर बाहर होने लगा.
जिसे देखकर मैं भी गर्म होने लगी।

मैं लंड के और करीब चली गई, लंड से बेहद ही मादक गंध आ रही थीं जिससे मैं और भी उत्तेजित हो गई।
फिर मैं अपना मुंह उनके सुपारे पर चलाने लगी और जल्द ही सुपारे को अपने मुंह में भरकर प्यार से चूसने लगी।

इधर अब्दुल मेरी पीठ पर अपने हाथ फिराते हुए मेरी गांड तक ले गए और गांड को सहलाने लगे।
काफी देर तक मैं उनके लंड को चूसती रही।

फिर अब्दुल खड़ा हुआ, और मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड की तरफ आ गया।
मेरी बड़े बड़े चूतड़ों को अपने हाथों से पकड़ कर लंड चूत में लगाया और एक झटके में अंदर तक डाल दिया।

मैं तेजी से बोली – आह्ह ह मम्मीई ईईईई ईईई… आराम से चोदो।

फिर अब्दुल मुझे चोदना शुरू कर दिया और फट फट फट की आवाज के साथ मुझे जोर जोर से चोदने लगा।

अब्दुल इतनी जोर से धक्का लगा रहा था कि मैं आगे की तरफ खिसक जा रही थी. तो अब्दुल मेरी कमर को जोर से जकड़ लिया और दनादन मेरी गांड पर उनके धक्के मारने लगा।

कुछ देर इसी पोजीशन में चोदने के बाद अब्दुल मुझे बिस्तर से नीचे उतार दिया और मुझे खड़ा करके मेरे पीछे आ गया और
खड़े खड़े मेरे पीछे से अब्दुल मेरी चूत में लंड डाल दिया और मेरे पेट को दोनों हाथों से थाम लिया और इसी पोजीशन में चुदाई शुरू कर दिया।

मुझे भी बेहद मजा आ रहा था और मैं उस पल का बहुत मजा कर रही थी।

कुछ देर के बाद हम दोनों झड़ गए।
यह चुदाई पहली चुदाई से ज्यादा देर तक चली।

उस रात अब्दुल ने 6 बार मुझे चोदा और जब मेरी चूत सुझ कर लाल हो गई तब मुझे अब्दुल चोदना छोड़ा और, फिर हम दोनों सुबह के 5 बजे सो गए।

दिन करीब 1 बजे उठने के बाद दोनों फ्रेश हुए और जब मै बाथरूम में थी तो आईने में देखी तो मेरी चूत अभी भी लाल नजर आ रही थी सुझी हुऐ थी तो छुने पर दर्द कर रहा था और इस लिए जगने के बाद हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं हुआ।

फिर रात होते ही मैंने घर का दरवाजा बंद किया और रात दस बजे से एक बार फिर से हमारे बीच चुदाई शुरू हो गई।

एक बार चुदाई करने के बाद जब अब्दुल ने दूसरी बार मुझे गर्म किया और चुदाई के लिए तैयार किया.
तो अब्दुल ने मुझसे कहा– मैं तुम्हें पीछे से करना चाहता हूं।

मैं– मतलब?
अब्दुल – मतलब तुम्हारी गांड़ को चोदना चाहता हूं।
मैं– नहीं नहीं… मैंने कभी वहां नहीं किया और अब्दुल तुम्हारा लंड इतना बड़ा और मोटा है कि मैं झेल नहीं पाऊंगी।

अब्दुल – ऐसा कुछ नहीं होगा. शिल्पी तुम डरो मत, मैं बहुत प्यार से करुगा।

मैं– नहीं ऐसा मत करो अब्दुल, मुझे बहुत दर्द होगा।

मेरे बार बार मना करने के बाद भी अब्दुल ने मुझे इसके लिए तैयार कर ही लिया।
पर मैंने अब्दुल के सामने शर्त रखी कि अगर मुझे दर्द हुआ तो तुम लंड बाहर निकाल लोगे, फिर नहीं करोगे।
फिर अब्दुल हाँ बोलकर तैयार हो गया।

फिर अब्दुल मुझे पेट के बल लिटा दिया और मेरी गांड में और अपने लंड में वेसलीन लगाया और मेरी गांड को दोनों हाथों से फैला दिया। फिर अब्दुल अपने लंड को मेरे गांड़ के छेद में लगाया और मेरे ऊपर लेट कर मुझे जकड़ लिया।
और अब्दुल लंड पर जोर देना शुरू किया.

और जैसे ही अब्दुल का सुपारा अंदर गया, मैं दर्द से कराह गई – नहीं नहीं… निकालो तुरंत निकालो।

लेकिन अब्दुल मुझे जोर से जकड़ लिया और अपना पूरा लंड मेरी गांड के अंदर उतार घुसा दिया।
मैं जोर जोर से चिल्लाये जा रही थी लेकिन अब्दुल मेरी एक नहीं सुना और ना ही अपना लंड निकाला।

काफी देर तक अब्दुल अपना लंड डाले रखा और मेरे ऊपर लेटा रहा।
फिर आहिस्ते आहिस्ते अब्दुल अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

मैं – बाप रे… आआआ हहह हहह मत करो आऊऊच!
लेकिन अब्दुल नहीं रुका और अंदर बाहर करता रहा।

फिर जब कुछ देर में मेरी गांड़ की छेद फट कुछ ढीला पड गया तो अब्दुल अपनी रफ्तार तेज कर दिया।
उसका लंड काफी टाइट जा रहा था लेकिन अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था।

जल्द ही अब्दुल अपनी पूरी रफ्तार से मेरी गांड को चोदने लगा।
मेरी गांड से फोछ फोछ की अज़ीब सी आवाज निकल रही थी।

कुछ देर चोदने के बाद अब्दुल मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड चोदने लगा।

फिर तो कभी गांड में तो कभी चूत में अपना लंड डालकर मेरी चुदाई करता रहा।
आधे घंटे तक मैं अलग अलग पोजीशन में चुदती रही फिर हम दोनों झड़ गए।

उसके बाद फिर पुरी रात अब्दुल कभी गांड़ तो कभी चूत चोदता रहा और सुबह 5 बजे तक चोदा और आज मेरी चूत और गांड़ दोनों ही चोद कर सुझा दिया था जो सोने पर भी दर्द कर रहा था तो बाज़ू के तरफ होकर सो गए।

अगले दिन 1 बजे निंद खुली तो लेट होने की वजह से ऑफिस नहीं गई और जब बेंड से उठे तो कल रात की मेरी गांड चुदाई के कारण चलना भी मुश्किल हो रहा था, गांड का छेद चलने में जल सा रहा था।

फिर अब्दुल के सहारे बाथरूम गई और आकर फिर से लेट गई अब्दुल फिर से रात को चोदने के‌ लिए पुछा तो मैंने मना कर दिया क्योंकि मैं चल भी नहीं पा रही थी और अगले दिन मुझे आफिस भी जाना है फिर अब्दुल अपने फ्लैट पर चला गया

और रात को फ़ोन करके बात किया तो पुछा दर्द कैसा है तो मैंने कहा बहुत ज्यादा अच्छा पर गांड़ और चूत दर्द कर रहा है और अभी सुझा हुआ नजर आ रहा है और बोले दो रात से सोने नहीं दिए हो तो अब्दुल ने कहा सो जाओ अगले दिन से ऑफ़िस भी जाना है।

अब मैं और अब्दुल ऐसे ही मौका मिलने पर अपनी प्यास बुझाने लगे और एक दूसरे को चुत गांड सेक्स से खुश करने लगे।
हम दोनों की जिंदगी में जो कमी थी वो पूरी हो चुकी थी।

मुझे भी चुदाई के लिए अब्दुल जैसे एक जवान दमदार मुस्लिम मर्द मिल गया और अब्दुल को मेरी जैसी सेक्सी संस्कारी भाभी मिल गया

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